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Bihar Pakistan Spy Case: पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क में बिहार के दो गिरफ्तार, रिटायर्ड सेना जवान भी शामिल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी मामले में असम STF ने बिहार के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पूर्वी चंपारण और बेगूसराय के रहने वाले आरोपितों से पूछताछ जारी है।

पटना, 6 अक्टूबर, आलम की खबर: पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने पूर्वी चंपारण और बेगूसराय के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि दोनों सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी एक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव तक पहुंचाने की गतिविधि से जुड़े थे।

पूर्वी चंपारण के अभिषेक की पहले गिरफ्तारी

इस मामले में असम STF ने सबसे पहले पूर्वी चंपारण निवासी 31 वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह को गुवाहाटी से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक वह सतगांव थाना क्षेत्र के गांधीनगर में किराये के मकान में रह रहा था।

असम पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में अभिषेक के कथित तौर पर पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में होने और सुरक्षा बलों से संबंधित गोपनीय सूचनाएं साझा करने के संकेत मिले। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और दस्तावेज बरामद किए गए।

बेगूसराय के रीतेश की भी गिरफ्तारी

जांच आगे बढ़ने के बाद असम STF ने बेगूसराय निवासी 39 वर्षीय रीतेश कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसे गुवाहाटी के सतगांव इलाके में स्थित किराये के मकान से पूछताछ के लिए उठाया गया था, जिसके बाद कथित भूमिका के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई।

STF का कहना है कि प्रारंभिक जांच में रीतेश के कथित तौर पर अभिषेक की मदद करने और सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव तक पहुंचाने की गतिविधि में शामिल होने के संकेत मिले हैं।

मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट से शुरू हुई कार्रवाई

असम पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआती सूचना सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली थी। इसके बाद STF ने इनपुट को विकसित करते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की और गुवाहाटी में कार्रवाई की।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर किस तरह की सूचनाएं साझा की गईं, यह संपर्क कब से चल रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

रिटायर्ड सेना जवान का भी जिक्र

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा था कि इनमें एक सेना का सेवानिवृत्त जवान भी शामिल है। मुख्यमंत्री के मुताबिक वह सेवानिवृत्ति के बाद अनुबंध के आधार पर दोबारा सेना से जुड़ा हुआ था।

अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया कि मामले में सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुंचाने की जांच की जा रही है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले सूचनाओं की वास्तविक प्रकृति और पूरे नेटवर्क की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पूर्वी चंपारण पुलिस भी जुटा रही जानकारी

अभिषेक कुमार सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद पूर्वी चंपारण पुलिस ने भी स्थानीय स्तर पर उसके परिवार और पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसका स्थानीय स्तर पर किस तरह का संपर्क था और गुवाहाटी जाने से पहले उसकी गतिविधियां कैसी थीं।

मोबाइल और दस्तावेजों की जांच अहम

मामले में बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और दस्तावेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। STF इन सामग्रियों के आधार पर कथित संपर्कों और गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर भी है कि आरोपितों के संपर्क में पाकिस्तान से जुड़ा कथित ऑपरेटिव कब से था और बातचीत या सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम क्या था।

नेटवर्क में और कौन, जांच जारी

दो गिरफ्तारियों के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ गया है। STF यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी कितनी जानकारी साझा किए जाने का आरोप है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

फिलहाल दोनों आरोपितों से पूछताछ और जब्त सामग्री की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित जासूसी नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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बिहार में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की धीमी रफ्तार पर सरकार ने सख्ती बढ़ाई है। वर्षों से लंबित योजनाओं की समीक्षा के लिए पूरे राज्य से रिपोर्ट मांगी गई है और स्वीकृत राशि के इस्तेमाल की भी पड़ताल की जाएगी।

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